एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं और स्मृति चिह्न भेंट कर किया अभिनंदन
बलिया, 13 सितम्बर, 2026।
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इमरान खान
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 से सम्मानित होने के बाद अपने गृह क्षेत्र पहुंचे राजकीय इंटर कॉलेज, बलिया के कला शिक्षक डॉ. इफ्तेखार खान का रविवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की नगर इकाई सिकन्दरपुर के कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं से उनका अभिनंदन करते हुए स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।
डॉ. इफ्तेखार खान के सिकन्दरपुर पहुंचने की जानकारी मिलते ही विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता नगर अध्यक्ष विशाल सोनी के नेतृत्व में उत्साह के साथ उनके स्वागत के लिए गांधी इंटर कॉलेज पहुंचे। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय स्तर पर बलिया का नाम रोशन करने के लिए डॉ. खान को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
स्वागत कार्यक्रम में नगर मंत्री दिव्यांशु मिश्रा, सह मंत्री अभिषेक शुक्ला, आकाश राय, विकास सोनी, खेलो भारत संयोजक सौरव मिश्रा, सोशल मीडिया संयोजक सुमंत कुमार, अमित कश्यप, आलोक सोनी, आदिया जायसवाल, परमेश्वर सिंह और प्रियांशु पांडेय सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बताते चलें कि डॉ. इफ्तेखार खान को शिक्षा एवं कला के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए वर्ष 2026 के राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चयनित किया गया था। देशभर से इस वर्ष कुल 48 शिक्षकों का चयन किया गया, जिसमें उत्तर प्रदेश के तीन शिक्षक शामिल हैं। शिक्षक दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया।
सिकन्दरपुर क्षेत्र के किकोढ़ा गांव निवासी डॉ. इफ्तेखार खान वर्ष 1998 से कला शिक्षक के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने विज्ञान विषय से अपनी पढ़ाई शुरू की, लेकिन कला के प्रति अपने जुनून के चलते महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से बैचलर ऑफ फाइन आर्ट्स (BFA) और मास्टर ऑफ फाइन आर्ट्स (MFA) की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने ‘मुगलकालीन पोथियों में दृष्टांत चित्र’ विषय पर पीएचडी की उपाधि हासिल की।
डॉ. खान की पहचान केवल एक शिक्षक के रूप में ही नहीं, बल्कि जरूरतमंद एवं प्रतिभावान बच्चों को नि:शुल्क कला शिक्षा देने वाले गुरु के रूप में भी है। वर्ष 2000 से वह प्रत्येक रविवार अपने घर पर बच्चों को नि:शुल्क कला की बारीकियां सिखाते आ रहे हैं। उनके यहां बलिया के अलावा आसपास के जिलों और बिहार से भी बच्चे कला सीखने पहुंचते हैं।
उनके मार्गदर्शन में कला की शिक्षा प्राप्त कर चुके 200 से अधिक विद्यार्थी आगे चलकर कला के क्षेत्र में उच्च शिक्षा हासिल कर विभिन्न संस्थानों और कंपनियों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। डॉ. इफ्तेखार खान की यह उपलब्धि न केवल उनके लिए बल्कि बलिया और सिकन्दरपुर क्षेत्र के लिए भी गौरव का विषय है।





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